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कहानी:गृहस्थी की बागडोर को स्त्री के हाथों में देते हुए यही कहा जाता है कि वो घर की लक्ष्मी है। लेकिन इस लक्ष्मी का साथ निभाने के लिए पति नारायण बनने की कोशिश कहां करते हैं

गृहस्थी सिर्फ़ एक के चलाए नहीं चलती, बल्कि पति और पत्नी दोनों को इसका संतुलन बनाए रखना होता है।

February 20, 2021 at 05:00AM
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